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Body effect on brain

नमस्कार  🙏
मित्रो आज का शीर्षक भी बिल्कुल सरल है कि शरीर का मस्तिष्क पर क्या प्रभाव पड़ सकता है? वैसे शरीर एक प्रकार से जड़ तत्व है जिस प्रकार पेड़ धरती से जुड़ा हुआ होता है उसी प्रकार शरीर भी धरती से जुड़ा हुआ है एवं शरीर का अंत हो सकता है इसके भीतर की आत्मा का नहीं। शरीर भी विभिन्न प्रकार के है:
  •  पहला: मनुष्य शरीर जो कि बड़े ही भाग से प्राप्त होता है क्योंकि इसी शरीर से ही भगवान को पाया जा सकता है।
  • दूसरा: पशु एवं पक्षी का शरीर जो कि मनुष्य शरीर में पाप करने केेे कारण मिलता है। एवं इस शरीर से निकलने के बहुत जतन करने पड़ते हैं तथा अपने पुण्य को बनाना पड़ता है
निष्कर्ष: यहां पर एक परम रहस्य की बात यही है कि जिसमें मनुष्य का शरीर प्राप्त कर अपने मन को पूर्ण वश में कर लिया तो समझो उसका मस्तिष्क पूर्ण रूप से कार्य करेगा। मन वश में तभी आएगा यदि आप सद मार्ग पर हैं।
          🙏सादर प्रणाम🙏

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 नमस्कार 🙏 मित्रो आज का शीर्षक ही इस मस्तिष्क के रहस्ययो   की चाभी है क्योंकि जिसने भगवान का दर्शन किया उसने तो पूरा ब्रह्मांड ही देेख लिया। परंतुुुुुु यह इतना सरल भी नहीं है क्योकि भगवान दर्शन के लिए मन  वश में भी होना चाहिए और यह तभी संभव है जब मनुष्य सांसारिक माया से ऊपर उठकर भगवान को याद करे।   इसके लिए भी पूर्व में कबीर जी कहते है:   “यदि नदी किनारे बैठे हैं और आप चाहते हैं कि मोती प्राप्त हो जाए तो यह कहने से प्राप्त नहीं होगा मोती को प्राप्त करने के लिए डुबकी तो लगानी ही पड़ेगी।” अर्थ  : इसी प्रकार मनुष्य भी इस कलयुग में किनारे पर ही बैठा है वह सोचता तो है मोती को पाना है यानी कि भगवान को पाना है परंतु मोहमाया में लिप्त होकर वह इस नदी में यानी की ज्ञान के सागर में डुबकी नहीं लगा पाता। और जिसने मन को वश में रख डुबकी लगाई उसे ही भगवान का दर्शन हुआ है। 🙏सादर प्रणाम🙏

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